Short Stories in Hindi – बच्चो के लिए लघु नैतिक और शिक्षाप्रद कहानियां

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दोस्तों किताबे व्यक्ति की सबसे अच्छी मित्र होती है यदि आप किताबो से दोस्ती करते है तो आप जीवन में सदा आगे बढ़ते है,साथ ही आपको जीवन में बहुत कुछ सिखने को मिलता है | किताबे कोई भी हो आपको हमेशा कुछ न कुछ ज्ञान ही देती है | मै भी अक्सर ही अपने खाली समय में किताबे पढता हूँ | आज मै आपको Short Stories in Hindi   लघु नैतिक और शिक्षाप्रद कहानियां बताने जा रहा हूँ | इन सभी कहानियो के अंत में आपको एक शिक्षा भी मिलेगी | सभी कहानियां Hindi Short Stories है जिसे पढने से आप अपने आपको बोर भी महसूस नही करेंगे :-

Short Stories in Hindi – बच्चो के लिए लघु नैतिक और शिक्षाप्रद कहानियां

1.जैसे को तैसा

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भैस और घोडा बहुत अच्छे मित्र थे| वह दोनों पास पास चरते थे और एक ही रास्ते से जंगल में आना जाना होता था और एक साथ ही दोनों झरने का पानी पीने जाते थे | लेकिन एक दिन किसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया और गैस ने गुस्से में आकर अपने सींघो से घोड़े को मार मार कर अधमरा कर दिया |

घोड़े को जब यह लगा की अब मै भैस से नही जीत सकता तो वह वहां से अपने प्राण बचा कर भाग निकला और भागकर मनुष्य के पास जा पहुँचा | मनुष्य के पास पहुँच कर उससे अपनी सहायता करने की प्रार्थना करने लगा |

मनुष्य ने कहा ‘भैस के बड़े बड़े सींघ है मै भला उससे कैसे जीत सकता हूँ ?’

जवाब में घोडा बोला ‘तुम मेरी पीठ पर बैठ जाओ और एक मोटा डंडा लेलो’|मै जल्दी जल्दी दौड़ता रहूँगा और तुम उसे मेरी पीठ पर बैठ बैठे ही मारना और मार मार कर उसे अधमरी कर देना और बाद में उसे रस्सी से बांध लेना |

मनुष्य ने आश्चर्य भरे स्वर में घोड़े से पूछा “भला मै उसे बांध कर क्या करूँगा उससे रस्सी से बांधने से मेरा क्या लाभ होगा?’

तो घोडा बोला ‘भैस मीठा दूध देती है तुम उसे पी सकते हो उसके दूध से तुम्हे ताकत मिलेगी|’ Short Stories in Hindi

मनुष्य को यह सुझाव अच्छा लगा और वह घोड़े की मदद करने के लिए तैयार हो गया | और घोड़े पर बैठ कर भैस के पास जा पहुंचा और भैस को डंडे से पीटने लगा | जब भैस पिटते जमीन पर गिर गई तब मनुष्य ने उसे बांध लिया | और घोड़े को भी बांध लिया |

जब घोड़े को भूख लगी तो वह मनुष्य से बोला कि ‘मुझे चरने जाना है कृपया मुझे खोल दो |’

मनुष्य जोर जोर से हंसने लगा और हँसते हुए बोला ‘मै तुम्हे अब भैस की ही तरह बांधे रखूँगा मुझे नही पता था की तुम मेरी सवारी करने के काम भी आ सकते हो|’ अब तक तो मै पैदल ही एक जगह से दूसरी जगह जाता था लेकिन अब तुम्हारे ऊपर मै सवारी करूँगा इससे मुझे आराम भी मिलेगा और मेरा समय भी बचेगा |

अब मै भैस का दूध पियूँगा और तुम्हारे ऊपर सवारी करूँगा | घोडा मनुष्य की बाते सुनकर रोने लगा और अपनी बात पर पछताने लगा | घोड़े ने भैस के साथ जो भी किया उसके साथ भी वही हो गया |

शिक्षा :- “जो जस करत,सो तस फलू चाखा” ( जो जैसा करता है उसे वैसा ही फल मिलता है )

2.स्वाधीनता का सुख

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एक दिन की बात है एक ऊँट किसी तरह अपने मालिक से नकेल छुड़ाकर तरह भाग निकला | वह लगातार भागते भागते बड़ी दूर निकल गया | उसने रास्ते में नदी, तालाब जंगल, पेड़-झाड़ियाँ सब पीछे छोड़ दी और लगातार भागते हुए बड़ी दूर निकल गया |

Hindi Short Stories वह चाहता तो रास्ते में रूककर पेड़ की हरी पत्तीयो को और झाड़ियो को खाकर अपना पेट भर सकता था और नदी का पानी पी सकता था लेकिन भागने के आगे उसे कुछ भी नही सूझ रहा था |

भागते भागते अब वह एक पहाड़ी पर जा पहुंचा जहाँ से उसने देखा की अब आगे जाने का कोई रास्ता नही है आगे एक गहरी खाई है और उसने पीछे मुड़कर देखा तो दंग रह गया,अब जंगल के स्थान पर एक बड़ा रेगिस्तान है जहाँ चारो तरफ रेत ही रेत है हरियाली का वहां नामो निशान नही था |

बेचारा ऊँट अब थक गया था थकावट के चलते अब वह वहां बैठ गया| उसे अब डर भी लग रहा था की ऐसे रेगिस्तान में आने के बाद अब वह जीवित कैसे रहेगा | उसे अब प्यास भी लग रही थी और भूख भी लेकिन अब वह थक गया था लाचार हो गया था | उसी समय वहां पर एक कौआ आया | उसे ऊँट की इस हालत पर दया आ गई |

कौआ बोला ‘ऊँट भाई ! मै उड़ता हूँ और तुम मेरे पीछे पीछे चलो,मै तुम्हे हरे खेत और नदी तक ले चलता हूँ जहाँ पर जाकर तुम अपना पेट भर सकते हो | ऊँट बहुत प्रसन्न हो गया और इस युक्ति के लिए कौए का धन्यवाद किया,लेकिन तबी उसके मन में एक सवाल आया |

ऊँट ने पूछा ‘कौए भाई मै चलने को तो तैयार हूँ लेकिन उस खेत में कोई आदमी तो नही आता ?’

कौआ हँस पड़ा और बोला हरा खेत और वहां आदमी नही होंगे यह कैसी बात करते हो भाई ?’ Short Stories in Hindi आदमी ही तो खेती करते है तो खेत में आदमी तो होंगे ही |

‘तब तो मै यहीं अच्छा हूँ’ ऊँट उदास होकर बोला | कौए ने उसे समझाया ‘देखो भाई हठ मत करो ऐसे तो तुम यहाँ भूखे प्यासे मर जाओगे’ |

कौए की बात सुनकर ऊँट ऊँचे और गर्व भरे स्वर में बोला ‘मै यहाँ मर जाऊंगा मंजूर है लेकिन यहाँ दिन रात कोई नकेल डाल कर सताएगा तो नही’| कौए को सब समझ आ गया कि क्या बात यह यह क्यों भाग कर आया ही |

कौए ने ऊँट से कहा ठीक है भाई तो फिर चलो मेरे साथ मै तुम्हे हरे घास के मैदान में ले चलता हूँ वहां कोई भी आदमी नही होगा वहां आराम से तुम रह सकते हो | कौए की इस बात से ऊँट प्रसन्न हो गया और ख़ुशी ख़ुशी कौए के साथ चल दिया | तबी तो कहते है :-

शिक्षा :- ‘पराधीन सपनेउ सुख नाही’ (पराधीन व्यक्ति को सपने में भी सुख नही होता )

3.शेर का थप्पड़ 

 

एक ब्राह्मण देव थे बहुत ही गरीब और सीधे साधे| वह लोगो से भिक्षा मांग मांग कर अपना जीवन यापन करते थे | एक बार देश में अकाल पड़ा| अब भला अकाल के समय कौन उन्हें भिक्षा दे या फिर उनसे पूजा कराये| बेचारे ब्राह्मण को कई दिनों तक भिक्षा नही मिली |

ब्राह्मण देव Short Stories in Hindi ने सोचा भूख से मरने से अच्छा है कि मै  अपने प्राण त्याग दूँ | वे मरने के विचार से जंगल गये| मरने से पहले उन्होंने शुद्ध ह्रदय से उन्होंने भगवान का नाम लिया और उनसे प्रार्थना की | प्रार्थना के बाद के बाद ब्राह्मण ने देखा उनके सामने से एक शेर चला आ रहा है |

ब्राह्मण ने कहा ‘मै तो मरने ही आया था अच्छा हुआ जो मुझे तुम मिल गये’| लो मुझे खाकर तुम अपनी भूख मिटा लो |

ब्राह्मण की बात सुनकर शेर ब्राह्मण से बोला ‘तुम क्यों मरना चाहते हो’? ब्राह्मण ने शेर को सारी बात बताई और बोले मेरा पेट तो बहुत दिनों से भरा नही लेकिन तुम मुझे मारकर खा लो इससे कम से कम तुम्हारा पेट तो भर जायेगा |

ब्राह्मण की यह बात सुनकर शेर को दया आ गई और वह एक देव के रूप में सामने आ गया| सच बात यह थी की वह कोई शेर नही था बल्कि वह तो वन देवता थे जो कि शेर के रूप में आये थे | उन्होंने ब्राह्मण को पांच सौ अशर्फियाँ दी | ब्राह्मण उन्हें लेकर घर वापस आ गया |

सुबह उठ कर जब ब्राह्मण अशर्फियाँ लेकर बनिए की दुकान पर राशन लेने गया और जाकर कुछ अशर्फियाँ बनिए को राशन के बदले में दी | तो बनिए ने पूछा महाराज यह अशर्फियाँ कहाँ से लाये | ब्राह्मण देव ने सारी बात बनिए को बता दी |

बनिया लालची था उसके मन में लोभ आ गया उसने अगले दिन सुबह जंगल में जाने का निश्चय किया और सुबह होते ही जंगल में पहुँच गया | ब्राह्मण की ही तरह उसने भी पहले भगवान का नाम लिया और प्रार्थना की | शेर आया और बनिया उसे देख कर डर गया | डरते हुए उसने बोला ‘में बहुत भूखा हूँ कई दिनों से मैंने कुछ नही खाया’ |

शेर ने कहा ‘मै तुझ जैसे लोभी को अवश्य ही खा जाता लेकिन मरने से पहले तूने भगवान का नाम लिया इसलिए मै तुझे नही खाऊंगा’| लेकिन तुझे दंड अवश्य दूंगा |  यह कहते हुए शेर ने बनिए को एक जोर का पंजा मारा जिससे बनिए के एक कान के चीथड़े उड़ गए और उसकी एक आँख फूट गई | Hindi Short Stories  

शिक्षा:- लालच और लोभ व्यक्ति को अँधा बना देता है,अतः हमे लालच नही करना चाहिए |

4. भूल का फल

 

 

एक बकरी के दो बच्चे थे दोनों बहुत सी सुन्दर थे छोटा बच्चा अधिक चंचल था अपनी चंचलता के चक्कर में अक्सर ही वह बकरी से डांट खाया करता था| रात में वर्षा हुई थी सबेरे रोज से अधिक चमकीली धूप निकली,बकरी के बच्चो ने बकरी का दूध पिया और खेलने लगे छोटा बच्चा कभी तो घास को सूंघता तो कभी गीली भूमि पर चौकड़ी भरने लगता उसे नरम भूमि पर उछलने में बहुत ज्यादा आनंद आ रहा था |

पहले तो दोनों बच्चे माँ के समीप ही खेल रहे थे लेकिन कुछ देर बाद छोटा बच्चा माँ से दूर खेलने लगा और दौड़ने लगा | माँ ने कहा ‘बेटा ज्यादा दूर मत जाना जंगल में भटक जायेगा’|

तो जवाब देते हुए बच्चे ने कहा ‘परेशान मत हो माँ में थोड़ी देर में खेलकर लौट आऊंगा’| तू मेरी चिंता मत कर और हाँ मै रास्ता भी नही भूलूंगा|

बकरी के लाख मना करने के बाद भी वह नही माना और काफी दूर निकल आया | उसे अपनी समझ पर बहुत अभिमान था और माँ के मना करने से उसे बुरा भी लगा की माँ उसे अब भी छोटा समझती है | वह कूदते फांदते हुए काफी दूर निकल आया उसे रास्ते का पता ही नही चला की वह कितना दूर आ चुका है |

उसने सोचा क्यों न आज मै जंगल भी देख लूँ और यह कहकर वह अब जंगल की तरफ निकल आया और जंगल में घुमने लगा  जंगल बहुत घना था | खेलते कूदते अब वह थक चुका था उसने सोचा खेलना बहुत हुआ चलो अब घर चला जाये| जब उसने पीछे मुड़कर देखा तो वह जंगल में रास्ता भटक चुका था चारो तरफ अब उसे बस पेड़ ही पेड़ दिख रहे थे |

वह काफी देर तक झाड़ियो के बीच से रास्ता ढूंढ रहा था लेकिन उसे रास्ता नही मिला | Short Stories in Hindi  तभी एक झाड़ी से उसे आवाज सुनाई दी ‘अरे वाह बेटा ! मैं कई दिनों से भूखा हूँ अच्छा हुआ जो तुम आ गये, अब मै तुम्हे खाकर अपनी भूख मिटाऊंगा और यह कहते हुए एक भेड़िया झाड़ियो के बीच से निकल आया |

भेडिए को देख कर बकरी के बच्चे की जान सूख गई वह बहुत ज्यादा डर गया | वह बहुत डरा हुआ था लेकिन उसने अपनी समझ से काम लिया और बोला “मामा आप ! हाँ माँ ने आपके बारे में बताया था की आप बहुत अच्छा गाना गाते हो|” एक गाना सुना दो और फिर मुझे खा लेना |

भेडिए ने सोचा “अच्छा है मरने से पहले तेरी आखिरी इच्छा पूरी कर देता हूँ” और यह कहते हुए उसने मुंह ऊपर किया और जोर जोर से हूँ हूँ करने लगा इतनी देर में बचते हुए बकरी का बच्चा वहां से भाग निकला और भागते भागते जंगल से बाहर निकल आया बाहर आते ही उसने देखा दूर से उसकी माँ उसे ढूंढते हुए आ रही है |

वह जाते ही माँ से चिपक गया और माँ से बोला माँ मुझसे बहुत बड़ी भूल हो गई और उसकी बात न मानने के लिए माफ़ी भी मांगी और वादा भी किया की आगे से वह कभी माँ की बात नही टालेगा | बकरी अपने बच्चे के साथ घर लौट आई |

शिक्षा:- हमे सदा अपने से बड़ो का कहना मानना चाहिए |

5.संगत का असर

 

एक नगर के बाजार में एक तोता बेचने वाला आया उसके पास दो पिंजड़े थे | दोनों में एक एक तोता बंद था, उसने एक तोते का मूल्य पांच सौ रूपए रखा और दुसरे वाले का पांच आने पैसे | वह बाजार में जोर जोर से कह रहा था “कोई पांच आने वाला तोता लेना चाहे तो ले जाये लेकिन पांच सौ वाले के साथ यह पांच आने वाला तोता मुफ्त होगा”|

उस नगर के राजा उस वक्त वही बाजार में घूम रहे थे उन्होंने भी उसकी आवाज सुनी और सैनिको से कहा उसे बुलाकर मेरे पास लाया जाये | तोता बेचने वाला राजा के पास आया और उसे प्रणाम किया | राजा ने उससे पूछा ‘तुम्हारे दोनों तोते के मूल्य में इतना अंतर क्यों है”?

Short Stories in Hindi जवाब में तोते वाले ने कहा “गुस्ताखी माफ़ हो हुजुर लेकिन इसका पता तो आपको इन्हें खरीदने के बाद चलेगा”| और यह कहकर उसने राजा को दोनों तोते पांच सौ रूपए में बेच दिए और पैसे लेकर घर चला गया |

जब रात में राजा सोने जा रहे थे तो उन्होंने सैनिको से कहा की पांच सौ रूपए वाले तोते को मेरे पलंग के पास टांग दिया जाये | सैनिको ने पलंग के पास तोते के पिंजरे को टांग दिया |

अगले दिन प्रातः चार बजे से ही तोते ने भजन सुनाने साथ ही अच्छे अच्छे श्लोक बोलने शुरू कर दिए | राजा उसके श्लोक सुनकर खूब प्रसन्न हो गये और सैनिको से बोले आज इस तोते को इसके सभी प्रिय फल खिलाये जाये और इसका खूब ध्यान रखा जाये |

दुसरे दिन उन्होंने दुसरे तोते के पिंजरे को अपने पलंग के पास रखवाया | जैसे ही सुबह हुई उस दुसरे तोते ने गन्दी गन्दी गलियां देना शुरू कर दिया और गन्दी गन्दी बाते करने लगा | राजा को क्रोध आ गया और उसने सैनिको को बुलवाया और बोले इस तोते को ले जाकर मार डालो |

पहले तोता पास ही था जैसे ही उसने यह सुना तो उसने राजा से बड़ी विनम्रता से कहा माफ़ कीजियेगा महाराज आप एक राजा है आपको यह शोभा नही देता | यह मेरा ही सगा भाई है इसे चोर और डाकुओ ने पकड़ लिया था जहाँ पर रहकर यह गलत बाते और गलियां सीख गया और मुझे एक संत ने रख लिया था मैंने उनके आश्रम से ही सारे श्लोक और सुन्दर सुन्दर भजन सीखे है | Hindi Short Stories

महाराज आप इसे क्षमा दान दे दे इसमे इसका कोई दोष नही है | यह सुनकर राजा को सारी बात समझ आ गई और उसने दोनों तोते को पिंजरे खोल कर आजाद कर दिया |

शिक्षा :- इसलिए कहते है सदा ही अच्छे लोगो की संगत में रहना चाहिए | 

निष्कर्ष :-

तो कैसी लगी आपको सभी Short Stories in Hindi सभी कहानियां सरल हिंदी में है आप इन्हें अपने बच्चो को सुना सकते है इससे बच्चो का मनोरजन भी होगा और साथ ही साथ उन्हें कुछ सीख भी मिलेगी | इसी के साथ अगर आपको यह कहानियां पसंद आई हो तो आप इन्हें अपने दोस्तों के साथ भी शेयर कर सकते है | इसके अलावा आपको यहाँ और भी भिन्न भिन्न प्रकार की कहानियां मिल जाएगी जिन्हें आप पढ़ सकते है | धन्यवाद !

 

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