Raksha Bandhan 2021 – रक्षा बंधन क्या है, रक्षा बंधन क्यों मनाया जाता है ?

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भारत विश्व का एक ऐसा देश है जहाँ पर अलग अलग धर्म,संप्रदाय,जाति,संस्कृति आदि के लोग रहते है और इन सभी में विभिन्नता पाई जाती है लेकिन इतनी विभिन्नता होने के बाद भी भारत का हर एक नागरिक अपने देश प्रेम में लिप्त होकर मिलजुल कर रहते है | भारत में अनेको त्यौहार मनाये जाते है जो की अलग अलग धर्म के होते है इसलिए इसे “त्योहारों का देश” भी कहा जाता है| हिन्दुओ के प्रमुख और प्रसिद्ध त्योहारों में से एक है रक्षाबंधन तो आज मैं आपको बताऊंगा की रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है ? Raksha Bandhan 2021 इसके पीछे विभिन्न प्रकार की कहानियो के बारे में भी मैं आपसे चर्चा करूंगा |

Raksha Bandhan 2021
Happy Raksha Bandhan

रक्षाबंधन हिन्दुओ के प्रमुख और प्रसिद्ध त्योहारों में से एक है| भाई और बहन के अटूट निस्वार्थ प्रेम और स्नेह का प्रतीक है रक्षाबंधन का यह पावन पर्व | रक्षाबंधन के दिन बहने अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और अपने भाई की लम्बी उम्र की कामना करती है वहीं दूसरी तरफ भाई अपनी बहनों को सभी तरह की बुराइयों से बचाने का वचन देते है |

अगर बात करे कि इस वर्ष  Raksha Bandhan 2021रक्षाबंधन का त्यौहार कब है (When is Raksha Bandhan in 2021) तो इस वर्ष रक्षाबंधन का त्यौहार 22अगस्त रविवार के दिन है |

तो चलिए आज मैं आपको रक्षा बंधन से जुडी विभिन्न तरह की कहानियो और बातो के बारे में आपसे विस्तार में बात करता हूँ आशा करता हूँ कि आपको भी यह किस्से काफी पसंद आयेंगे :-

Raksha Bandhan 2021 – रक्षा बंधन क्या है,रक्षा बंधन क्यों मनाया जाता है ?

Raksha Bandhan 2021 – रक्षा बंधन कब मनाया जाता है ?

भारतीय धर्म संस्कृति के अनुसार रक्षाबंधन का त्यौहार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है|यह त्यौहार भाई और बहन के स्नेह का प्रतीक है एस दिन बहने अपने भाई के लिए उपवास रखती है| सुबह नहा धोकर नए कपड़े पहनती है पूजा की थाली सजाती है भाई के माथे पर तिलक लगाती है और साथ ही भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती है इसे ही राखी कहा जाता है |

Raksha Bandhan 2021
Raksha Bandhan kya hai

रक्षा बंधन पर रक्षासूत्र (राखी ) का एक विशेष महत्त्व होता है | राखी कच्चे सूत,रंगीन धागे,रगीन कलावे,रेशमी धागे और ईएसआई के साथ सोने और चाँदी जैसी महंगी वस्तुओ से भी बनती है | भाई बहन के स्नेह और प्रेम का प्रतीक यह त्यौहार विश्व भर में बहुत ही प्रसिद्ध है देश विदेश में रहकर लोग इस त्यौहार को बड़ी ही धूमधाम से मनाते है |

राखी बांधने का यह रिवाज केवल भाई को ही नही बल्कि बेटियां भी अपने पिता को रक्षासूत्र बांधती है | सार्वजनिक रूप से किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति,नेता या फिर पुलिस और सेना के सैनिको को भी लड़कियां और औरते राखी बांधती है और अपने स्नेह और आदर को व्यक्त करती है| प्रेम और स्नेह का यह अटूट बंधन सदा ही खुशियाँ बांटता है | Raksha Bandhan 2021

रक्षाबंधन की पौराणिक कहानियां 

रक्षाबंधन का यह पावन त्यौहार कब शुरू हुआ यह कोई नहीं जानता लेकिन राखी की विभिन्न तरह की कहानियां हमे अक्सर ही सुनने और पढने को मिलती रहती है इनसे से कुछ कहानियां आज मैं आपके लिए लेकर आया हूँ जिसमे की कुछ पौराणिक कहानियां है कुछ ऐतिहासिक कहानियां है तो चलिए इन कहानियो का आनंद लेते है | Raksha Bandhan Quotes and Wishes

1.रक्षाबंधन पर श्री कृष्ण और द्रोपदी की कथा :-

पौराणिक कथाओ के अनुसार श्री कृष्ण और द्रोपदी की एक कथा बहुत प्रसिद्ध है की एक बार युद्ध के दौरान श्री कृष्ण की ऊँगली घायल हो गयी थी तब द्रोपदी ने अपनी साडी फाड़ कर उसे श्री कृष्ण की ऊँगली पर बाँधा था| उस समय श्री कृष्ण ने उनकी सदैव रक्षा करने का वचन दिया था | और जब भरे दरबार में कौरवो के द्वारा द्रोपदी का क्षीर हरण हो रहा था तब श्री कृष्ण ने अपनी बहन द्रोपदी की साड़ी को बढ़ा कर अपनी बहन की मर्यादा को बचाया था |

Raksha Bandhan 2021
Raksha Bandhan Quotes and Wishes

2.जब लक्ष्मी जी ने राजा बलि को बांधा रक्षासूत्र :-

स्कन्ध पुराण और पद्मपुराण के अनुसार वामनावतार नामक एक कथा विश्व विख्यात है जिसमे रक्षाबंधन के बारे में जानकारी मिलती है| इस कथा के अनुसार दानवो के राजा बलि ने 100 यज्ञ पूर्ण करने के बाद स्वर्ग को देवताओ से छिनने का प्रयत्न किया तो सभी देवताओ ने भगवान विष्णु से सहायता की गुहार लगाई | Raksha Bandhan 2021 बदले में भगवान विष्णु ने वामन अवतार लेकर ब्राह्मण का वेश बनाया और राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी और तीन पग भूमि में पूरी धरती,आकाश,और पाताल नाप कर राजा बलि को रसातल में भेज दिया |

कहते है की रसातल में रहते हुए राजा बलि ने कठिन तपस्या कर भगवान विष्णु को प्रसन्न कर लिया और वरदान में भगवान से दिन रात अपने साथ रहने का वरदान मांग लिया | भगवान के घर न लौटने पर माँ लक्ष्मी परेशान हो गई और देव ऋषि नारद जी से मदद मांगी | Raksha Bandhan Quotes and Wishes नारद जी ने एक युक्ति बताई जिसके अनुसार माँ लक्ष्मी ने रसातल में जाकर राजा बलि को राखी बांध दी और भेट स्वरुप अपने पति श्री हरी विष्णु को अपने साथ ले जाने का वर भी मांग लिया | कहते है इस दिन श्रावण मास की पूर्णिमा का ही दिन था |

3.जब इन्द्राणी ने बांधा इंद्र को रक्षासूत्र :-

भविष्य पुराण के अनुसार जब देव और दानवों के बिव्ह युद्ध चल रहा तो दानव देवो पर हावी होने लगे यह देख इंद्र घबरा गये और देवताओ के गुरु ब्रहस्पति से जाकर कहने लगे गुरुवर यह कैसी विपप्ति आन पड़ी है दानव देवो पर हावी हो रहे है वही खड़े खड़े इंद्र की पत्नी इन्द्राणी यह सब सुन रही थी तभी इन्द्राणी ने रेशम के धागे को मंत्रो की शक्ति से पवित्र कर अपने पति इंद्र देव की कलाई पर बांध दिया |

यह दिन श्रावण मास की पूर्णिमा का ही दिन था| लोगो की मान्यता है की इंद्र देव युद्ध अपनी कलाई पर बंधे उस रक्षासूत्र के कारण जीते थे| यह रक्षासूत्र धन,शक्ति,स्नेह,विजय का भी प्रतिक माना जाता है |

Raksha Bandhan Image
Raksha Bandhan Image

4.रक्षाबंधन और संतोषी माता का जन्म :-

रक्षाबंधन के पावन पर्व की एक और कथा विश्व विख्यात है जिसमे कहते है कि एक बार गणेश भगवान अपने पुत्रो के अजीब से हट से परेशान हो गये थे | बात यह थी की गणेश भगवान के दो पुत्र शुभ और लाभ | Raksha Bandhan 2021 रक्षाबंधन के पावन पर्व का दिन था भगवान गणेश की बहन गणेश भगवान को राखी बांधने आई थी उन्हें देख शुभ और लाभ ज़िद करने लगे की उन्हें भी बहन चाहिए जो उनकी कलाई पर भी राखी बांधे |

उनके हठ को देखते हुए देव ऋषि नारद जी ने भगवान गणेश से आग्रह किया की प्रभु बालको की बात मान लीजिये और उन्हें एक बहन दे दीजिये इस बात को सुनकर गणेश भगवान की दोनों पत्नियों रिद्धी और सिद्धि ने भी भगवान गणेश से आग्रह किया की बच्चो की बात पर विचार किया जाये | सभी की बाते सुनकर गणेश भगवान ने मंत्रो की शक्ति से रिद्धी और सिद्धि के अंश को मिलाकर एक कन्या को प्रकट किया जिनका नाम संतोषी माता रखा गया | इस प्रकार से माता के जन्म के बाद माता ने अपने दोनों भाइयो को राखी बांधी और रक्षाबंधन का पावन पर्व मनाया |

रक्षाबंधन पर ऐतिहासिक कहानियां :-

रक्षाबंधन का वर्णन राजा-महाराजाओं,मराठा,राजपूतो के समय में भी है| कहते है की जब मराठा और राजपूत युद्ध के लिए जाते थे तब महिलाएं उनके माथे पर कुमकुम का तिलक लगाती थी और उनकी कलाई पर रेशमी धागा बांधती थी जो रणभूमि में उनकी रक्षा करेगा और मन में यह विश्वास रखती थी यह रक्षासूत्र उनके पति को या पुत्र को विजयश्री प्राप्त करने में सहायक होगा और उन्हें अपने साथ सही सलामत वापस लेकर आएगा | Raksha Bandhan Quotes and Wishes

1.जब हुमायु ने निभाया भाई का फर्ज :-

इसी प्रकार की एक राजपूतो की कहानी बहुत प्रसिद्ध है कि मेवाड़ की रानी कर्मावती को मेवाड़ पर बहादुरशाह द्वारा हमला करने की पूर्व ही सूचना मिली थी रानी स्वयं लड़ने में असमर्थ थी तब उन्होंने मुगल बादशाह हुमायू को राखी भेज क्र रक्षा ली याचना की हुमायु ने मुसलमान होते हुए भी राखी की लाज रखी और स्वयं मेवाड़ जाकर बहादुरशाह के विरुद्ध अपने सेना संग मेवाड़ की तरफ से युद्ध किया और रानी कर्मावती और मेवाड़ की रक्षा की|

Raksha Bandhan
Raksha Bandhan 2021

2.जब सिकंदर की पत्नी ने बांधी दुश्मन को राखी :-

इतिहास की कहानियो में एक और कहानी और प्रसिद्ध है जिसके अनुसार कहा जाता है की सिकंदर की पत्नी ने अपने पति के हिन्दू शत्रु पुरूवास को राखी बांधकर अपना मुंहबोला भाई बनाया था और उससे वचन लिया था की वह युद्ध में कभी सिकंदर को नहीं मारेगा|

इसके फलस्वरूप पुरूवास ने युद्ध के दौरान अपने हाथ में बंधी उस राखी का मान रखा और अपनी मुंहबोली बहन को दिए हुए वचन को याद रखते हुए रणभूमि में सिकन्दर को जीवनदान दिया | Raksha Bandhan Quotes and Wishes

रक्षा बंधन पर डाक विभाग की विशेष तैयारियां :-

Raksha Bandhan 2021 भारत सरकार के डाक तार विभाग द्वारा भी रक्षाबंधन के लिए विशेष तैयारियां की जाती है एस अवसर पर दस रूपए वाले आकर्षक लिफाफे की बिक्री की जाती है लिफाफे की कीमत मात्र पांच रूपए और डाक शुल्क मात्र भी पांच रूपए लिया जाता है |

राखी के त्यौहार पर बहने अपने भाई को मात्र दस रूपए में एक साथ तीन-चार राखी तक भेज सकती है| डाक विभाग की ओर से बहनों को यह उपहार दिया जाता है की मात्र पांच रूपए में 50 ग्राम तक के लिफाफे में राखी भेजी जा सकती है |लेकिन डाक विभाग की यह सुविधा केवल रक्षाबंधन तक ही रहती है|

डाक विभाग रक्षाबंधन के खास अवसर के लिए बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए बारिश में खराब न होने वाले वाटरप्रूफ लिफाफे भी उपलब्ध कराये जाते है यह लिफाफे बाकि लिफाफों से भिन्न होते है,इन लिफाफों में राखी ज्यादा सुरक्षित रहती है | रक्षाबंधन पर अधिक कार्य के बोझ को देखते हुए सेवानिवृत्त हो चुके डाक कर्मियों को भी काम में लगाया जाता है जिससे की बहन भाई के स्नेह का प्रतीक यह रक्षाबंधन का त्यौहार सदैव भाई और बहन को एक दुसरे से जोड़े रखे |

रक्षाबंधन और आधुनिक युग :-

आज आधुनिक तकनीक दिन प्रतिदिन बढती जा रही है जिसके चलते आज व्यक्ति को आधुनिक युग के साथ रहने की आदत हो गयी है | आज ज्यादातर लोग ऑनलाइन शॉपिंग करना ज्यादा पसंद करते है उसी तरह लोगो की जरुरतो को ध्यान में रखते हुए बहुत सारी ई-कॉमर्स वेबसाइट है जो की बहनों की तरफ से उनके भाइयो को राखी भेजती है बस आपको अपनी पसंद की राखी बुक करनी है और आप जहाँ पर भी राखी भेजना चाहते है उसका पता डालना होगा और आपकी राखी आपके बताये गये पते पर भेज दी जाएगी | Raksha Bandhan Quotes and Wishes

कहने का अर्थ है की बहुत सी ई-कॉमर्स वेबसाइट आपके ऑनलाइन आर्डर को आपके बताये गये पते पर पहुँचाने का काम बखुबी करती है | इससे भाई और बहन को दूर होने का एहसास भी नही होता और रक्षाबंधन का यह प्रेम भरा त्यौहार एक दुसरे को खुशियाँ बांटता है |जिसमे काफी हद तक एक एहम योगदान इन वेबसाइट का भी होता है |

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