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Do Bhaiyo Ki Kahani – दो भाइयो की कहानी – अमरुद के पेड़ की कहानी

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Do Bhaiyo Ki Kahani
Do Bhaiyo Ki Kahani

दोस्तों कहते है एकता में बल होता है यह तो आपने कई कहानियो और किस्सों के माध्यम से समझा होगा लेकिन क्या आपने कभी इसका एहसास किया है शायद नही और शायद हाँ तो चलिए आज मैं आपके लिए एक ऐसी ही एक Do Bhaiyo Ki Kahani लेकर आया हूँ जिसमे आप यह सीखेंगे की कैसे हम बिना किसी लडाई झगड़े से किसी को सबक सिखा सकते है और मिलकर रह सकते है

Do Bhaiyo Ki Kahani – दो भाइयो की कहानी – अमरुद के पेड़ की कहानी

एक किसान था वह बहुत मेहनती था, सारा दिन खेत पर काम करता रहता और सारा दिन खेत में ही रहता था। कभी-कभी ऐसा होता था कि उसकी रात भी खेत में ही गुजरती थी। उस किसान के दो बेटे थे बड़ा बेटा रामू और छोटा बेटा रमेश। दोनों बेटों के स्वभाव में काफी अंतर था, एक तरफ जहां बड़ा बेटा स्वभाव में सरल और भोला भाला था, वहीं दूसरी तरफ छोटा बेटा स्वभाव से बड़ा ही चंचल, बुद्धिमान और स्वार्थी था।

अक्सर बड़ा बेटा अपने पिता के साथ खेत के कामों में अपने पिता की मदद किया करता था। वहीं दूसरी तरफ छोटा बेटा स्वार्थी और आलसी होने के कारण कभी खेत पर नहीं जाता था।

छोटे बेटे के इस स्वभाव से हमेशा ही किसान रमेश को डांटता रहता था, लेकिन बड़ा बेटा रामू हमेशा अपने छोटे भाई का पक्ष ले लेता और कहता बापू रहने दो यह तो अभी छोटा है। अभी इसके खेलने खाने की उम्र है मैं हूं ना आपका हाथ बढ़ाने के लिए। Do Bhaiyo Ki Kahani 

ऐसा करते करते काफी वर्ष बीत गए। अब किसान का स्वास्थ्य भी खराब रहने लगा, किसान अब अक्सर ही बीमार रहने लगा। बड़े बेटे रामू ने अपने पिता के इलाज के लिए खेत बेचने सहित बहुत सारा धन किसान की बीमारी में लगाया लेकिन किसान का इलाज संभव ना हुआ और एक दिन किसान का देहांत हो गया। देहांत के बाद अब घर की जिम्मेदारी बड़े बेटे रामू ऊपर आ गई थी।

रामू गुजर-बसर करने के लिए दूसरे के खेतों पर मजदूरी करने लगा क्योकि उसने अपना खेत तो पिता ले इलाज कराने के लिए पैसो के चलते बेच दिया था। लेकिन घर चलाना मुश्किल हो रहा था। एक दिन रामू ने रमेश से कहा “अब तुम्हें भी घर की जिम्मेदारी उठानी चाहिए और कुछ कार्य करना चाहिए।

बड़े भाई की बात सुनकर रमेश भड़क उठा और बोला शायद मैं तुम्हारे ऊपर बोझ बन गया हूं ठीक है पहले बंटवारा कर लो उसके बाद अपनी अपनी जिम्मेदारी स्वयं उठाओ

रमेश ने चालाकी दिखाकर घर की सभी अच्छी और कीमती वस्तुएं स्वयं ले ली और बाकी रामू को दे दी। अंत में तीन चीजें शेष बची जिसके लिए रमेश ने रामू के सामने उन चीजों को इस्तेमाल करने की तीन शर्त रखी।

Do Bhaiyo Ki Kahani वे तीन चीजें थी एक अमरूद का पेड़, एक कंबल और एक गाय।

पहली शर्त के अनुसार रमेश ने कहा-” पेड़ के ऊपर का हिस्सा मेरा और तने से नीचे का हिस्सा तुम्हारा रहेगा।”

दूसरी शर्त के अनुसार रमेश ने कहा-“गाय का मुंह का हिस्सा तुम्हारा और पेट के पीछे का हिस्सा मेरा रहेगा।”

तीसरी शर्त के अनुसार “कंबल को दिन के समय तुम रखोगे और रात के समय में रखूंगा।”

तीनों शर्तो को सुनकर बेचारा सीधा-साधा रामू हां कर देता है। अब अमरूद के पेड़ को खाद पानी रामू लगाता था लेकिन उसके अमरुद रमेश तोड़ लेता था। इसी तरह गाय को चारा खिलाने और पानी पिलाने का काम रामू करता था लेकिन गाय का दूध रमेश निकाल लेता था और गाय के गोबर से उपले बनाकर उन्हें चूल्हे में इस्तेमाल करता था

ठीक इसी प्रकार तीसरी शर्त के अनुसार दिन के समय कंबल रामू के पास रहता था लेकिन रात के समय कंबल रमेश ले लेता था बेचारा रामू सारी रात ठंड में ठिठुरता रहता था।

इसी प्रकार कई वर्ष बीत गए कई बार रामू ने इन शर्तों का विरोध भी किया और कहा कि मैं मेहनत करता हूं जैसे गाय को चारा पानी में देता हूं और अमरूद के पेड़ को खाद पानी भी मैं देता हूं तो मुझे भी मेरी मेहनत का कुछ हिस्सा मिलना चाहिए। लेकिन शर्तों का हवाला देते हुए रमेश रामू की सभी बातें नकार देता था। Do Bhaiyo Ki Kahani

धीरे-धीरे समय बीतता रहा एक दिन रामू का एक बचपन का दोस्त शहर से रामू से मिलने आया और कुछ दिन यह घर पर ही ठहरा। रामू के दोस्त ने सारा हाल देखा तो रामू से सारी बात पूछी।

तब रामू ने शुरू से आखिर तक सभी बातें बताई और सभी शर्तों को भी बताया। रामू का दोस्त को छोटे भाई रमेश की चालाकी समझते देर न लगी। उसने रामू को सलाह दी जैसे-जैसे मैं कहता हूं वैसा वैसा तुम करते जाओ। रामू ने हाँ करदी।

सुबह हुई उठकर रामू ने अपनी दिनचर्या शुरू की और अपने कार्यों में लग गया लेकिन आज गाय को ना तो चारा दिया ना पानी पिलाया, जिस कारण गाय भूखी थी। जब रमेश दूध निकालने गया तो गाय ने दूध नहीं दिया और जब रमेश दूध निकाल रहा था तो, रामू ने गाय के मुंह पर जोर से डंडा मारा तो गाय ने रमेश को जोर से लात मारी।

रमेश ने कहा-“यह क्या कर रहे हो? रामू ने जवाब दिया-“मैं अपने हिस्से को मारूं या प्यार करूं तुम से मतलब नहीं है।”

Do Bhaiyo Ki Kahani  अब दिन हुआ तो रामू ने कुल्हाड़ी उठाई और अमरूद के पेड़ के पास पहुंचा और अमरूद के पेड़ पर जोर से कुल्हाड़ी मारी। यह देख रमेश कहने लगा-“अब यह क्यों कर रहे हो पेड़ कट जाएगा।

जवाब में रामू ने कहा- “शर्त के अनुसार पेड़ के नीचे का हिस्सा मेरा है मैं इसको चाहे पानी दूँ या फिर काट डालूं। रमेश ने काफी हाथ पैर जोड़े तो रामू ने पेड़ नहीं काटा।

अब शाम हुई तो रामू ने कंबल को पूरा गीला कर दिया और फैला दिया रात होने में कुछ ही घंटे बाकी थे। कंबल गीला होने के कारण रमेश कंबल को ओढ़ नही पाया और पूरी रात ठंड में रामू की तरह ठिठुरता रहा।

इसी प्रकार से रामू हर रोज यही कार्य करता था। सुबह गाय को मारता, दिन में कुल्हाड़ी लेकर अमरूद का पेड़ काटने की कोशिश करता और हर शाम कंबल को गीला कर देता।

धीरे-धीरे रमेश को अपनी गलती का एहसास हो गया और उसने एक दिन रामू से अपनी गलती की क्षमा मांगी और सभी शर्तें खत्म कर मिलकर रहने का आग्रह किया रामू पहले से ही सरल स्वभाव का था। वह मान गया अब दोनों भाई मिलकर हंसी-खुशी रहने लगे।

 

Lalach Buri Bala Hai – लालच बुरी बला है की एक प्रेरणादायक कहानी

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Lalach Buri Bala Hai 
Lalach Buri Bala Hai 

दोस्तों कैसे है आप सब आज की कहानी कुछ अलग लेकिन दिलचस्प है। आज की कहानी मेहनत से जुडी हुई है क्योकि आज कल हर व्यक्ति कम समय में अधिक धन कमाना चाहता है लेकिन बदले में मेहनत नही करना चाहता। यदि आप सच्चे मन से और कठिन परिश्रम करते है तो आप अपने कार्य में जरुर सफल होते है। लेकिन कई लोग धन के लालच में आकर परिश्रम न कर धनवान बनने का सपना देखते है तो आज की हमारी कहानी का शीर्षक है Lalach Buri Bala Hai  लालच बुरी बला है की एक प्रेरणादायक कहानी

Lalach Buri Bala Hai – लालच बुरी बला है की एक प्रेरणादायक कहानी

एक समय की बात है किसी गांव में एक दर्जी रहता था, वह बहुत गरीब था। वह मन ही मन सोचता था कि इतनी मेहनत करने पर भी कुछ पैसे नहीं जोड़ पाता हूं। उसने सोचा यह गांव छोड़कर किसी शहर की ओर जाता हूं, हो सकता है कि भगवान कोई चमत्कार कर दें और मैं जल्दी से धनवान बन जाऊं।

वह शहर की ओर जाने वाले मार्ग पर चल पड़ा। दर्जी अभी थोड़ी ही दूर चला था कि उसे रास्ते में एक लकड़हारा मिला जो लकड़ी काट रहा था। दर्जी ने उससे कहा वह भी बहुत मेहनत करता था ताकि धन कमा सकूं पर कोई लाभ ना हुआ अब गांव छोड़कर शहर जा रहा हूं कि शायद कोई दैवीय चमत्कार हो जाए। जिससे जल्दी से जल्दी मैं धनवान हो सकूं। उसकी यह बातें सुनकर लकड़हारे ने अपनी कुल्हाड़ी वही फेंक दी और दर्जी के साथ चल पड़ा।

चलते चलते वे दोनों एक कारखाने के पास पहुंचे। वहां बढ़ई लकड़ी के टुकड़े लेकर कुछ नया बनाने का प्रयत्न कर रहा था। दर्जी और लकड़हारे को देखकर और अपनी दुखती कमर को सहलाते हुए सीधा खड़ा हुआ। लकड़हारे ने कहा “भाई! हम दोनों भी तुम्हारी ही तरह बहुत मेहनत करते थे किंतु कोई लाभ ना हुआ। Lalach Buri Bala Hai 

अब हम दोनों ने शहर जाने का फैसला किया है शायद जल्दी धनी बन जाने का कोई रास्ता मिल जाए। बढ़ई ने भी अपने औजार एक और फेंक दिए और बोला मैं भी तुम्हारे साथ शहर चलूंगा

तीनों मित्र आगे चल पड़े। जब उन्हें भूख लगी तो उन्होंने आग जलाई और खाना पकाया। उसी समय एक बूढ़ी औरत वहां आ पहुँची। वह सब आपस में बातें करने लगे, जब उस बूढ़ी औरत को पता लगा कि उन्होंने किसी चमत्कार की आशा से अपना घर और काम छोड़ दिया है तो उसने कहा “तुम लोगों ने अपना घर छोड़कर ठीक नहीं किया, यह तुम्हारी मूर्खता है।”

उस बुढ़िया की बातों को नजरअंदाज करते हुए दर्जी ने कहा “यदि भाग्य वश हमें कोई परी मिल जाए और उसके वरदान से हम रातों रात धनवान हो जाए।” तब बुढ़िया बोली “तो समझो मैं बुढ़िया के वेश में एक परी हूं। बोलो तुम लोगों को क्या वरदान चाहिए?” मैं एक-एक वरदान तुम तीनों को दूंगी देखती हूं तुम उसका लाभ किस प्रकार उठाते हो?

Lalach Buri Bala Hai   इतना सुनकर सबसे पहले उसने दर्जी की ओर देखा दर्जी ने अपने काम को ध्यान में रखते हुए कहा “मैं जिस भी वास्तु को खींचू, वह लंबी हो जाए इससे जब भी मैं कपड़े को नाप लूंगा वह बढ़ता ही जाएगा और मैं बहुत सारे कपड़े तैयार कर सकूंगा।

बुढ़िया ने कहा “जाओ ऐसा ही होगा।”

तब उसने लकड़हारे की ओर देखा लकड़हारे ने अपने काम को ध्यान में रखते हुए कहा “मैं जिस चीज पर हाथ मारूं, वह सरलता से टूट जाए।”

बुढ़िया हंसते हुए बोली “जाओ तुम्हारे साथ भी ऐसा ही होगा।”

अब उसने बढ़ई की ओर देखा बढ़ई ने भी अपने काम को ध्यान में रखा और कहा “मैं जिस वस्तु को एक साथ रखूं। वह आपस में मजबूती के साथ जुड़ जाए।”

बूढ़ी औरत ने कहा “ऐसा ही होगा। तीनो को वरदान देने के बाद वह उठ खड़ी हुई और वहां से चल दी।”

दर्जी बोला “अब हमें देखना चाहिए कि हमें जो वरदान मिला है वह पूरा भी होता है या नहीं।” उसने अपने थैले में से एक कपड़े का टुकड़ा निकाला और उसे खींचने लगा, उसकी खुशी का ठिकाना ना रहा। जब उसने देखा कि कपड़ा लंबाई में बढ़ता ही जा रहा था। Lalach Buri Bala Hai 

उसके बाद लकड़हारे ने एक पेड़ के तने पर हाथ रखा तो उसके दो टुकड़े हो गए। यह देख बढई ने अपने वरदान की पुष्टि करने के लिए उसने उस टूटे भाग को उठाया और आपस में जोड़ दिया पेड़ के दोनों भाग मजबूती से जुड़ गए।

वे तीनों खुशी के मारे पागल हो गए। आग के चारों और नाचने लगे, नाचते-नाचते दर्जी का हाथ अपनी नाक पर जा पहुंचा और वह अपनी नाक खींच बैठा। उसके आश्चर्य की सीमा न रही कि उसकी नाक खींचकर लंबी हो गई थी।

वह जमीन पर बैठ कर रोने लगा हाय! अब क्या होगा मैंने तो कपड़े को ध्यान में रखकर वरदान मांगा था। उसकी लंबी नाक को देखकर लकड़हारा ठहाका लगाकर हंस पड़ा जोर-जोर से हंसते हुए जैसे ही उसने अपने पैर पर हाथ मारा।  उसका धम्म से जमीन पर गिर पड़ा।

दोनों दोस्तों की ऐसी दुर्गति देखकर बढ़ई अपना आपा खो बैठा। वह जल्दी जल्दी अपना जूता पहनने लगा कि मैं अभी उस बुढ़िया को पकड़ कर लाता हूं। पर अरे यह क्या? बढई का पैर अपने जूते से चिपक गया था वह एक भी कदम आगे ना बढ़ा सका। Lalach Buri Bala Hai  अब तीनो मिलकर रोने और गिडगिडाने लगे और अपनी गलती का एह्साह कर माफ़ी मांगने लगे।

तभी वह बुढ़िया वहां पर आ गई वह बुढ़िया के रूप में एक परी थी। वह परी उन तीनो का देख उन्हें बोली “देखो वरदान मांगने से पहले बहुत कुछ सोचना समझना चाहिए।”

उसने उन तीनों को पहले की अवस्था में लाने से पहले उनसे पूछा “अब बोलो मैं अपना वरदान वापस ले लूं ताकि तुम फिर से पहले की तरह हो सको।”

तीनों मित्र गिडगिडाने लगे हां हां! जरूर जरूर!

परी ने अपना वरदान वापस ले लिया तीनों मित्रों ने कहा “कि अब वे इधर-उधर धन के लालच में नहीं भटकेंगे और अपने काम में मन लगाएंगे। वे तीनों अपने अपने घरों को लौट गए और परी से वादा किया कि वह लोग अब अपनी मेहनत से धन कमाएंगे।

Kar Bhala To Ho Bhala – शेर और एंड्रोक्लीज की दोस्ती की कहानी

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Kar Bhala To Ho Bhala
Kar Bhala To Ho Bhala

दोस्तों कहते है की मदद और उपकार से आप इन्सान तो क्या किसी जानवर का भी दिल जीत सकते है और उसे अपना एक दोस्त बना सकते है। आज की हमारी कहानी भी कुछ ऐसी ही है जिसमे एक व्यक्ति जो की एक दास या कहे नौकर था अपने देश से भाग निकला और जंगल में एक शेर की मदद करता है बदले में शेर उसे जीवन दान देता है। तो आज की हमारी कहानी का शीर्षक है Kar Bhala To Ho Bhala शेर और एंड्रोक्लीज की दोस्ती की कहानी तो चलिए कहानी को विस्तार से जानते है:-

Kar Bhala To Ho Bhala – शेर और एंड्रोक्लीज की दोस्ती की कहानी

प्राचीन काल में रोम में दास प्रथा थी। कोई भी प्रतापी राजा जब किसी देश पर हमला कर उस देश को जीत लेता था, तब उस देश के लोग उस राजा के गुलाम कहलाते थे। तथा प्राय: उन्हें बाजार में बेच दिया जाता था। ऐसा ही एक दास था जो  हेरोफियस नाम के राजा का गुलाम था।

हेरोफियस बहुत ही दुष्ट और निर्दयी राजा था। वह एंड्रोक्लीज से कठिन परिश्रम कराता था। वह उसे भरपेट भोजन भी नहीं देता था, तथा काम में तनिक सी भी कमी रह जाने पर कठोर दंड देता था।

एक दिन मौका मिलने पर एंड्रोक्लीज उसकी कैद से भाग निकला। तभी किसी तरह से हेरोफियस को उसके भाग जाने का समाचार मिल गया। उसने अपने आदमियों को एंड्रोक्लीज का पीछा करने भेजा। घोड़ों की टापू की आवाजों से घबराकर वह जंगल की ओर भाग निकला।

Kar Bhala To Ho Bhala आगे घना अंधेरा था पीछा करने वाले लौट गए, भागते भागते थक कर बेदम हुआ एंड्रोक्लीज आंखें बंद कर एक पेड़ के सहारे पीठ को टीका कर बैठ गया। थोड़ी ही देर बाद उसे गुर्राने की आवाज सुनाई दी, जैसे ही उसने अपनी आंखें खोली उसके होश उड़ गए, उससे कुछ ही दूरी पर उसे एक शेर दिखाई दिया।

लेकिन उसे शेर को देख कर बड़ा आश्चर्य हुआ कि उसे देखकर भी शेर ने आगे बढ़कर उस पर हमला नहीं किया बल्कि वह बार-बार अपने आगे के पंजे को उठाकर चाट रहा था और दर्द से कराह रहा था। थोड़ी देर तक एंड्रोक्लीज उसे देखता रहा, आखिरकार उससे रहा न गया वह साहस करके आगे बढ़ा और शेर के पास जा पहुंचा।

उसे देखकर भी शेर बैठा रहा और कराहता रहा। एंड्रोक्लीज ने देखा उसके पंजे में एक बड़ा सा कांटा चुभा हुआ था एंड्रोक्लीज ने आगे बढ़कर उसके पैर से कांटा निकाल दिया।

शेर को अब दर्द से आराम मिल चुका था, शेर प्यार से उसके हाथ चाटने लगा। मानो उसके हाथो को चाटकर वह एंड्रोक्लीज का धन्यवाद कर रहा हो। धीरे धीरे दोनों में मित्रता हो गई एंड्रोक्लीज शेर की गुफा में उसके साथ ही रहने लगा। Kar Bhala To Ho Bhala

कुछ दिनों के बाद आखिर फिर हेरोफियस के आदमियों के द्वारा उसे खोज लिया गया और उसे कैद कर दरबार में ले जाया गया। हेरोफियस ने उसे 2 माह तक कठोर कारावास में रखकर एक निश्चित दिन भूखे शेर के सामने डाल देने की सजा दे दी।

उस समय रोम में कानून था कि अपराधी को सारी प्रजा के सामने सजा दी जाती थी। 2 माह के बाद एक खुले मैदान में बहुत सारी भीड़ एकत्रित थी एक बड़े से जाल में एंड्रोक्लीज बंद था।

उसे जंजीरों से जकड़ रखा था। तभी एक पिंजरे में बंद शेर को लाकर उसी जाल के पास छोड़ दिया गया जिसमे एंड्रोक्लीज बंद था। शेर को कई दिन से भूखा रखा गया था, वह भूखा शेर जोर जोर से दहाड़ रहा था।

भयभीत होकर एंड्रोक्लीज ने अपना अंत नजदीक समझ कर अपनी आंखें बंद कर ली और ईश्वर से प्रार्थना करने लगा।अचानक उसने अनुभव किया कि वह शेर उसके पैरों को चाट रहा था। आंखें खोलते ही उसने देखा कि यह तो वही शेर है जिसके पंजे में से उसने कांटा निकाला था।

उसकी आंखों में आंसू भर आए उसने नीचे बैठकर शेर को अपने गले से लगा लिया। इस अद्भुत दृश्य को देखकर सारी भीड़ आश्चर्यचकित हो गई। राजा हेरोफियस भी हैरान रह गया, सारी घटना का पता लगने पर उसने एंड्रोक्लीज को मुक्त कर दिया। Kar Bhala To Ho Bhala शेर और एंड्रोक्लीज दोनों धीरे-धीरे जंगल की ओर चले गए, प्रसन्नता से भरी भीड़ भी जोर जोर से चिल्लाने और तालियां बजाने लगी।

Christmas Day in Hindi 2021- क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है ?

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Christmas Day in Hindi 2021
Christmas Day in Hindi 2021

लगभग पूरी दुनिया में मनाया जाने वाला ईसाइयों का प्रमुख त्यौहार जिसे क्रिसमस डे के नाम से जाना जाता है इसे बड़ा दिन के नाम से भी जाना जाता है।यह विश्व के लगभग सभी देशो में मनाया जाता है, पूरी दुनिया में हर देश में ईसाई धर्म के लोग रहते है जो इस त्यौहार को हर वर्ष 25 दिसम्बर को बड़े ही धूमधाम से मनाते है।क्रिसमस का त्यौहार ईसा मसीह के जन्दीन के रूप में मनाया जाता है ईसा मसीह की बात करे तो वह ईसाई धर्म के संस्थापक है।उन्हें लोग “Son of God” भगवान का बेटा भी कहते थे।तो आज हम बात करने वाले है Christmas Day in Hindi 2021– क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है ? और इसे मनाने के पीछे क्या रहस्य है तो चलिए विस्तार से जानते है :-

ईशा मसीह जिन्हें लोग प्यार से यीशु के नाम से भी पुकारते थे।25 दिसंबर को लोग ईशा मसीह के जन्मदिन के रूप में मनाते है। इस दिन चर्च (गिरिजाघर) को सजाया जाता है, ईशा मसीह के जीवन क नाट्य रूपांतरण किया जाता है उनके जीवन में क्या क्या घटित हुआ था, किस प्रकार से उन्होंने मानव जीवन को भगवान का साक्षात्कार कराया और उन्हें भगवान या फिर परमेश्वर से मिलने का रास्ता बताया।

Christmas Day in Hindi 2021- क्रिसमस डे क्यों मनाया जाता है ?

पुरातन कथाओ के अनुसार ईसाई धर्म के संस्थापक ईसा मसीह का जन्म 7 से 2 ईसा पूर्व 25 दिसंबर को हुआ था। ईसा मसीह को लोग अलग अलग नाम से पुकारते थे जैसे यीशु, मसीहा, “Son of God” भगवान का बेटा, Messenger of God भगवान के संदेशवाहक, जीसस क्राइस्ट आदि।

Happy Christmas Day Wishes 2021
Happy Christmas Day Wishes 2021

ईसा मसीह की माता का नाम मरियम था और उनके पिता का नाम युसूफ था, वो पेशे से एक बढई थे।ईसा मसीह का जन्म यहूदिया प्रांत के बेथलेहेम नामक नगर में एक अस्तबल में हुआ था उस अस्तबल के चारो तरफ जानवर ही जानवर थे।

माना जाता है माता मरियम विवाह के पहले से ही कुँवारी रहते हुए ही ईश्वरीय प्रभाव से गर्भवती हो गईं। ईश्वर की ओर से संकेत पाकर यूसुफ ने उन्हें पत्नी रूप में ग्रहण किया था। माता मरियम को एक दिन आकाशवाणी सुनाई देती है कि मरियम, उस परम परमेश्वर की कृपा से तुझे एक पुत्र की प्राप्ति होगी वह परमेश्वर का पुत्र कहलाएगा।

Christmas Day in Hindi 2021 माता मरियम के पूछने पर  कि अभी तो मेरा विवाह भी नही हुआ है और न ही मैं अपने होने वाले पति को जानती हूँ। इसके उत्तर में फिर आकाशवाणी होती है कि जल्द ही तेरा विवाह एक बढई से होगा। आगे चलकर यही बालक परमेश्वर का ज्ञान कराएगा और परमेश्वर से मिलने का रास्ता यही बताएगा। तो कम शब्दों में बात करे क्रिसमस डे ईसा मसीह के जन्मदिन के तौर पर मनाया जाता है ।

ईसा मसीह का जीवन परिचय

ईसाइयों का एक धार्मिक ग्रन्थ है जिसे बाइबिल के नाम से जाना जाता है बाइबिल के अनुसार ईसा मसीह की माता मरियम गलीलिया प्रांत के नाज़रेथ गाँव में रहती थीं। उनकी शादी यूसुफ नामक बढ़ई से हुई थी। विवाह के पहले ही वह कुँवारी रहते हुए ही ईश्वरीय प्रभाव से गर्भवती हो गईं। ईश्वर की ओर से संकेत पाकर ही यूसुफ ने मरियम से शादी की थी। इस प्रकार जनता ईसा की अलौकिक उत्पत्ति से अनभिज्ञ रही।

Christmas Day Shayari in Hindi
Christmas Day Shayari in Hindi

विवाह संपन्न होने के बाद यूसुफ गलीलिया छोड़कर यहूदिया प्रांत के बेथलेहेम नामक नगर में जाकर रहने लगे, वहाँ ईसा का जन्म हुआ। ईसा मसीह जब बारह वर्ष के हुए, तो यरुशलम में तीन दिन रुककर मन्दिर में उपदेशकों के बीच में बैठे, उन्हें सुनते और उन से प्रश्न करते।

ईसा मसीह ने अपने पिता यूसुफ का पेशा सीख लिया और लगभग 30 साल की उम्र तक उसी गाँव में रहकर वे बढ़ई का काम करते रहे। बाइबिल में उनके 13 से 29 वर्षों के बीच का कोई ‍ज़िक्र नहीं मिलता। 30 वर्ष की उम्र में उन्होंने यूहन्ना से पानी में डुबकी (दीक्षा) ली। डुबकी के बाद ईसा पर पवित्र आत्मा आया। 40 दिन के उपवास के बाद ईसा लोगों को शिक्षा देने लगे। Christmas Day in Hindi 2021

कहा जाता है ईसा मसीह को परमेश्वर का बेटा कहा जाने को लेकर कई कट्टरपंथी विचारधारा वाले लोग ईसा मसीह को बुरा भला कहते थे और उन्हें अपमानित करते थे लेकिन ईसा शांत और सरल थे। कहा जाता है इसी के चलते उन्हें यहूदियों के राजा के नाम से जाना जाने लगा था और उन्हें इसकी सजा के तौर पर उनके हाथ और पैरो में कील ठोक दी गयी थी और उन्हें क्रूस (सूली) पर चढ़ा दिया गया था जिसके कारण उन्होंने शरीर त्याग दिया था।

जाने कौन है सांता क्लॉज़ (Santa Clause) ?

क्रिसमस के ख़ास मौके पर आपने एक बड़े ही अजीब व्यक्ति को देखा होगा जो लाल रंग की पोशाक पहने रहता है औरउसकी लम्बी सफ़ेद दाढ़ी होती है मोटा पेट और उसके पास बच्चो के लिए अनेक प्रकार के खिलौने और टॉफी, चॉकलेट होती है जिसे वो सभी बच्चो में क्रिसमस को बांटता है।

क्या आप जानते है यह मोटा सफ़ेद दाढ़ी वाला व्यक्ति कौन है और यह क्रिसमस पर ही क्यों दिखाई देता है? अगर नही जानते है तो चलिए मैं आपको बताता हूँ कई मान्यताओ के अनुसार सांता क्लॉज़ को ईसा मसीह का पिता कहा जाता है जो ईसा मसीह सहित अनेक बच्चो के लिए बचपन में खिलौने लेकर आया करते थे।

इसके अलावा सांता क्लॉज़ के पीछे और भी अनेक प्रकार की कहानियां प्रसिद्ध है जैसे कहा जाता है कि सांता क्लॉस की लोकप्रिय छवि को जर्मन मूल के अमेरिकी कार्टूनिस्ट थॉमस नस्ट के द्वारा बनाया गया, जो हर साल एक नई छवि को बनाते थे, Christmas Day in Hindi 2021 नस्त जिन्होंने सबसे पहले सन 1863 में सांता की छवि को प्रदर्शित किया था, जिसे अब हम संता कहते हैं उसके पहचान बनी और सांता की उस छवि को 1920 के दशक में विज्ञापनदाताओं के द्वारा दुनिया के कोने कोने तक पहुँचाया गया और धीरे धीरे सांता पुरे विश्व में लोकप्रिय हो गया।

सांता क्लॉज़ को उपहार और खिलौने लाने वाला भी कहा गया है क्योकि सांता हमेशा बच्चो को प्यार करता है और उनके लिए उपहार लाता था, इसलिए आज आधुनिक युग में भी यह पुरानी परम्परा चली आ रही है। कई देशो की मान्यताओं के अनुसार सांता क्लॉज़ को परमेश्वर का फरिश्ता भी कहा जाता है। कहते है सांता क्लॉज़ हिरन से जुडी एक गाड़ी जो बर्फ पर चलती है जिसे स्लेज भी कहते है उससे आता है।

क्रिसमस ट्री की शुरुआत :-

क्रिसमस के अवसर पर लोग अपने घरो की साफ सफाई कर घरो को अच्छे से सजाते है इसके साथ ही शहर के सभी चर्च (गिरिजाघर) को भी सजाया जाता है, क्रिसमस की रात रंग बिरंगी रौशनी से जगमग हो जाती है। सबसे पहले क्रिसमस ट्री की शुरुआत यहूदी प्रान्त के लोगो ने शुरू की थी उनके द्वारा यह मानना था की क्रिसमस ट्री को घर में सजाने से घर में सुख शांति बनी रहती है और साथ ही गॉड की कृपा उनपर हमेशा बनी रहती है।

Christmas Day in Hindi 2021
Christmas Day in Hindi 2021

क्रिसमस ट्री पहाड़ी क्षेत्रो में पाए जाने वाले देवदार, चीड़ और स्प्रूस के वृक्ष होते है जो काफी लम्बे और सीधे होते है इनका आकार तिकोना अर्थात त्रिभुजाकार होता है इन्हें रंग बिरंगी लाइट, टॉफी, चॉकलेट, बेल, बॉल, कैंडी और रंग बिरंगे कागज और प्लास्टिक के खिलौने से सजाया जाता है।

ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी और दक्षिण अमेरिका और यूरोप का कुछ हिस्सा पारंपरिक रूप से क्रिसमस ट्री को सजाता है जिसमे घर के बाहर बत्तियों से सजावट, बर्फ का इंसान बनाना और अन्य क्रिसमस के मूरत शामिल होते हैं। Christmas Day in Hindi 2021 कई देशो के शहरों में तो क्रिसमस के पोधे हर गली चौराहे और रोड किनारे रखे जाते हैं इसके अलावा स्कूल, कॉलेज, ऑफिस साथ ही साथ मॉल जैसे सार्वजनिक जगहों पर भी क्रिसमस ट्री को सजाया जाता है।

आखिरी शब्द :-

तो आशा करता हूँ क्रिसमस और क्रिसमस से जुडी सभी जानकारी आपको मिल चुकी होगी और मैंने कोशिश की है की कम शब्दों में आप तक सही और सटीक जानकारी पहुँच सके। वैसे तो यह ईसाईयो का प्रमुख त्यौहार है लेकिन इसे गैर-ईसाई धर्म के लोग भी मनाते है और त्यौहार तो कोई भी धर्म का क्यों न हो, त्यौहार हमेशा ही सभी के लिए खुशियाँ लेकर आते है। तो अगर आज की यह जानकारी आपको पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे और साथ ही साथ हमे सोशल मीडिया पर भी जरुर फॉलो करे। धन्यवाद !

 

Christmas Day Shayari in Hindi-क्रिसमस डे शायरी-Christmas Day Shayari 2021

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Christmas Day Shayari in Hindi
Christmas Day Shayari in Hindi

दोस्तों आप सभी को क्रिसमस की हार्दिक शुभकामनायें| यह क्रिसमस का पर्व खुशियों और हर्ष का पर्व है इस ईसाई धर्म के संस्थापक ईशा मसीह का जन्म हुआ था लोग उन्हें प्यार से यीशु कहकर बुलाते थे| आज मैं आपके लिए क्रिसमस के इस खुशियों भरे त्यौहार पर Christmas Day Shayari in Hindi लेकर आया हूँ जिसे पढ़कर आपको ख़ुशी मिलेगी साथ ही साथ आप इस शायरी को अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ शेयर भी कर सकते है| तो चलिए Best 50+ Christmas Day Shayari 2021 के बारे में जानते है…

Best 50+ Christmas Day Shayari in Hindi – क्रिसमस डे शायरी  Christmas Day Shayari 2021

Christmas Day Shayari in Hindi
Christmas Day Shayari in Hindi

सबके दिलो में हो सबके लिए प्यार,
आने वाला है खुशियों का त्यौहार,
भूल जाओ तकलीफों को दूर करो सरे गम,
इसी उम्मीद से आओ करे क्रिसमस का वेलकम…

खुदा से क्या मांगू मैं तुम्हारे वास्ते,
सदा खुशियों से भरे हो तुम्हारे रास्ते,
यह हँसी तुम्हारे चेहरे पर रहे इस तरह,
सूरज से रोशनी निकले जिस तरह…

Christmas Day Shayari 2021

Christmas Day Shayari 2021
Christmas Day Shayari 2021

2021 की क्रिसमस हो सबसे निराला,
खुल जाये आपकी किस्मत का ताला,
हमेशा आप पर मेहरबान रहे वो उपर वाला,
पल-पल यही दुआ करे आपका यह चाहने वाला…

जिस पल का था इंतजार
उसका दीदार होने वाला है,
निहार रही नजरे उसे ही सबकी,
आज के दिन सांता आने वाला है…

Happy Christmas Day Quotes 2021
Happy Christmas Day Quotes 2021

क्रिसमस के इस शुभ उत्सव पर,
कोई निराला व्यक्ति आयेगा,
होकर स्लेज पर सवार,
वह ढेरो तोहफे लायेगा…

लाल रंग की पोशाक है उसकी,
खूब लम्बी है सफ़ेद दाढ़ी,
ढेरो तोहफे रहे उसके पास,
चलाता है बर्फ पर हिरन की गाड़ी…

Christmas Day Shayari Hindi

Merry Christmas Day Shayari

Merry Christmas Day Shayari

आ गया क्रिसमस का त्यौहार,
सभी मिलकर करो खुशियों का इजहार,
नाचो गाओ जश्न मनाओ,
प्रभु यीशु के तुम गुण गाओ…

देवदूत बनकर कोई आता है,
सबके लिए वह तोहफे लाता है,
देख उसे सबके चेहरे हिया खिलते,
चलो अबकी बार क्रिसमस पर,
हम भी सांता से मिलते…

Happy Christmas Day Wishes 2021
Happy Christmas Day Wishes 2021

क्रिसमस का यह प्यारा सा त्यौहार,
सबके जीवन में लाता खुशियाँ अपार,
इस बार आये सांता आपके घर,
शुभकामना करो यह हमारी स्वीकार…

मुस्कुराते हुए हस्ते हुए,
क्रिसमस ट्री तुम सजाना,
भूल जाना सब दर्द तकलीफों को,
इस क्रिसमस पर प्यार से सबको गले लगाना…

Christmas Day Par Shayari

Christmas Day Whatsapp Status
Christmas Day Whatsapp Status

हैप्पी क्रिसमस और हैप्पी लाइफ,
आपकी किस्मत हो सबसे ब्राइट,
ढेर सारे स्टार लगाना,
लगाना रंग बिरंगी चमकीली लाइट…

चाँद ने अपनी चांदनी बिखेरी है,
इन तारो ने आसमा सजाया है,
आपके लिए खुशियों का तोहफा लेकर,
देखो दूर स्वर्ग से कोई फरिश्ता आय है…

Christmas Day Quotes 2021
Christmas Day Quotes 2021

टॉफी, चोकलेट, केक और उपहार,
मिले सभी बच्चो को अपार,
कोई न रहे भूखा जगत में,
डिअर यीशु करो यह स्वीकार …

वो देवदूत है या कोई फरिश्ता,
जिसे देख छोटे, बड़े और बूढ़े,
सभी का प्यारा चेहरा खिलता,
सफ़ेद है उसकी दाढ़ी और लाल है पोशाक,
प्यार से सभी उसे कहते है सेंटा…

Happy Christmas day Shayari

Christmas Day Wishes 2021

इस क्रिसमस चार चाँद लग जाये,
रब यह क्रिसमस हर बार लाये,
हमें सांता से हर रोज मिलवाए,
जिससे हम ढेरो उपहार रोजाना पाए…

आ गया खुशियों भरा क्रिसमस का त्यौहार,
चलो मिलकर मनाये क्रिसमस इस बार,
खत्म करो झगड़े सारे, भूल जाओ सारी लडाई,
आप सभी को मेरी तरफ से क्रिसमस की ढेरो बधाई…

Christmas Day in Hindi 2021

आपका जीवन हो क्रिसमस ट्री सा हरा भरा,
स्टार की तरह चमके किस्मत का तारा,
करते है दुआ आपके लिए हम,
उज्जवल हो भविष्य तुम्हारा…

क्रिसमस का दिन है आज सांता जरुर आयेगा,
आपके लिए ढेर सारे उपहार वह लायेगा,
भूल मत जाना उसे शुक्रिया कहना जरुर,
अरे उपहार के बदले यही तो कहते है हुजुर…

Christmas Day Hindi Shayari

Christmas Day Wishes Image

ठंडी का मौसम है,
क्रिसमस की तैयारी है,
बर्फ की चादर चारो ओर फैली,
जैसे जन्नत धरती पर पधारी है…

आया है सांता लेकर खुशियाँ हजार,
बच्चो के लिए खुशियाँ और ढेर सारा प्यार,
इस बार हो जाये आप पर कुछ ऐसी बहार,
हर्ष और उत्साह से भर जाये आपका संसार…

Christmas Day Hindi Shayari

लो आ गया जिसका था बेसब्री से इंतजार,
इसे ही कहते है खुशियों का त्यौहार,
प्रभु यीशु की हो जाये आप पर नजर एक बार,
मुबारक हो आपको क्रिसमस मेरे यार…

आशा करते है इस क्रिसमस,
मोमबत्ती की तरह आपका जीवन जगमग रहे और,
हर्ष और उत्साह से आप सदा परिपूर्ण रहे…

Happy Christmas Day Shayari in Hindi

Happy Christmas Day 2021 Shayari

क्रिसमस आया क्रिसमस आया,
बच्चो का मन ललचाया,
प्रभु यीशु के याद का दिन है,
बच्चो के प्यार का दिन है…

क्रिसमस के शुभ उत्सव पर,
आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं…

Happy Christmas Day Shayari in Hindi

जिंगल बेल की धुन के साथ,
देखो यह कौन आया है,
भर कर अपने बड़े झोले में,
कुछ तो जरुर लाया है…

क्रिसमस का पावन त्यौहार,
हो जाये आप पर खुशियों की बौछार,
परमेश्वर की कृपा हो बारम्बार,
पूरी हो आपकी सारी मुरादे इस बार…

Christmas Day Shayari in Hindi

Happy Christmas Day Shayari

इस बार तुम कहा जाओगे,
तुम उपहार में बंध कर रह जाओगे,
लेकर तुम्हे सांता आयेगा,
मेरा उपहार वो मुझे दे जायेगा…

सब गिले शिकवे भूलकर सबको गले लगाओ,
यह दिन हर्ष का है मिलकर खुशियाँ मनाओ…

Christmas Day ki Shayari

प्रभु यीशु के आशीर्वाद से,
आपका रोशन हो घर-संसार,
हरा-भरा रहे जीवन आपका,
चमकते हुए भविष्य का मिले उपहार…

क्रिसमस पर जो उपहार दिया जाता है,
स्नेह और खुशियों को बांटकर सबके,
चेहरे पर ख़ुशी लाने के लिए दिया जाता है…

Christmas Day Shayari in Hindi 2021

Christmas Day Shayari in Hindi

क्रिसमस की प्यारी रात हो,
खुशियों की बरसात हो,
हाथो में अपनों का हाथ हो,
फिर क्या कहे क्या बात हो…

सांता क्लोज आये आपके द्वार,
जीवन में लाये खुशियाँ हजार,
शुभकामनायें करे हमारी स्वीकार…

आखिरी शब्द :-

क्रिसमस डे जिसे बड़ा दिन के नाम से भी जाना जाता है लोग इस दिन को ईशा मसीह के जन्मदिन के रूप में बड़े ही हर्षोल्लास से मनाते है| लोग एक दुसरे को टॉफी, चोकलेट, मिठाई और गिफ्ट आदि बांटते है और एक दुसरे से गले मिलकर अपनी ख़ुशी व्यक्त करते है|

क्रिसमस डे पर ईसाइयो की एक मान्यता भी है की ईसाई धर्म के लोग इस दिन क्रिसमस ट्री जो की एक चीड़, देवदार या फिर स्प्रूस का पेड़ होता है अक्सर पहाड़ी और बर्फीले क्षेत्रो में यही पेड़ आमतौर पर पाए जाते है तो इन्हें ही लाइट, स्टार, चॉकलेट, टॉफी आदि से सजाया जाता है और इसे ही क्रिसमस ट्री कहा जाता है|

विभिन्न मान्यताओ के अनुसार माना जाता है कि क्रिसमस ट्री को घर में सजाने से घर में धन धान्य की कमी नही होती और हमेशा घर में एक सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और घर में खुशहाली का माहौल बना रहता है| तो आशा करता हूँ आज की यह पोस्ट आपको पसंद आई होगी अगर पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करे| धन्यवाद !